Tobacco Not to Be Sold Within 500 Meters: सरकार ने एक नई योजना के तहत शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तंबाकू और नशीले पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध के दायरे को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। अभी तक यह सीमा 100 मीटर थी, लेकिन इसे बढ़ाकर 500 मीटर करने की तैयारी है। इस कदम का उद्देश्य छात्रों को नशे के संपर्क से दूर रखना है।
प्रस्ताव: स्कूलों के आसपास 500 मीटर तक नशामुक्त क्षेत्र
यह दिशानिर्देश 2026 से 2029 तक लागू रहेगा। सभी राज्यों को इसे मिशन मोड में लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत हर राज्य को 2029 तक एक विस्तृत रोडमैप तैयार करना होगा, ताकि योजना को सही तरीके से लागू किया जा सके।
बढ़ती चिंता: युवाओं में नशे की लत
सरकार ने माना है कि बच्चों और किशोरों में नशे की लत तेजी से बढ़ रही है, जो एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुकी है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह सख्त कदम उठाया जा रहा है, ताकि समय रहते इसे रोका जा सके।
Read Also: >>> LPG Cylinder New Rules 2026: एक महीने में कितने सिलेंडर बुक कर सकते हैं? जानें नए नियम
प्रवर्तन और निगरानी व्यवस्था
इस योजना के पालन के लिए जिला और राज्य स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। स्कूल प्रबंधन को भी जिम्मेदारी दी जाएगी कि वे नियमों के उल्लंघन की जानकारी पुलिस को दें। पुलिस को भी इस पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश होंगे।
स्कूलों की भूमिका और जागरूकता अभियान
विद्यालयों को इस अभियान में अहम भूमिका निभानी होगी। छात्रों में जागरूकता फैलाने, नशे के दुष्प्रभाव बताने और उन्हें इससे दूर रखने के लिए विशेष कार्यक्रम चलाए जाएंगे। पहले ही हजारों स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाया जा चुका है और लाखों युवाओं को शपथ दिलाई गई है।
प्रशिक्षण और भागीदारी
शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन को प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे छात्रों को सही मार्गदर्शन दे सकें। साथ ही इस अभियान में छात्रों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे इसका प्रभाव और बढ़े।
Read Also: >>> Recharge Rule Change 2026: अब 28 नहीं, पूरे 30 दिन चलेगा प्लान, मोबाइल यूजर्स को बड़ी राहत
प्रशासनिक समन्वय और सुविधाएं
इस योजना में स्थानीय प्रशासन, पुलिस, डॉक्टर और परामर्शदाताओं के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा। छात्रों को जरूरत पड़ने पर काउंसलिंग और चिकित्सा सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
उद्देश्य: सुरक्षित और स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण
इस पूरी पहल का मुख्य उद्देश्य स्कूलों को नशामुक्त बनाना और बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वस्थ और सकारात्मक वातावरण तैयार करना है। इससे न केवल छात्रों का भविष्य सुरक्षित होगा बल्कि समाज में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।